पोषण स्तर (Trophic level) पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर-
वैज्ञानिक लिण्डमैन (Lindeman) ने पोषण रीतियों का अध्ययन किया और देखा कि प्रत्येक पोषण स्तर में कितनी ऊर्जा प्रवेश करती है और कितनी ऊर्जा दूसरी पोषण स्तर (Trophic levels) में स्थानान्तरित होती है। इससे उस पोषण स्तर की जीवधारी दक्षता (Organism efficiency) ज्ञात की जा सकती है और पता लगाया जा सकता है कि वह कितनी ऊर्जा का उपयोग करती है। लिण्डमैन के अनुसार, किसी पोषण स्तर में कितनी ऊर्जा उपस्थित है, यह ज्ञात करने के लिए उसी स्तर पर अवशोषण (Absorption) के फलस्वरूप कितनी ऊर्जा कम हो जाती है, उसे घटाकर ऊर्जा दर (Energy rate) ज्ञात कर लेते हैं।
ऊपर चित्र में ऊर्जा प्रवाह को प्रदर्शित किया गया है। इसमें तीन पोषण स्तर में ऊर्जा प्रवाह को दिखाया गया है। इससे स्पष्ट है कि जो ऊर्जा, उत्पादक के द्वारा सूर्य से ग्रहण किया जाता है, वह क्रमशः आगे के पोषण स्तर में कम होता जाता है। इस तरह से एक स्तर से दूसरे स्तर में ऊर्जा के स्थानान्तरण के फलस्वरूप अधिकांश ऊर्जा ताप या अन्य रूपों में खर्च हो जाती है, जिससे ऊर्जा का प्रवाह क्रमशः कम होता जाता है। ट्रॉफिक स्तर दर में परिवर्तन निम्नलिखित सत्र के द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है। –

साधारण ऊर्जा प्रवाह को ई. पी. ओडम (E. P. Odum, 1963) द्वारा बताये गये एक और पथ के द्वारा आसानी से समझा जा सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि पौधे सूर्य से 300k. cal. ऊर्जा प्राप्त करते हैं, तो उसका आधा अर्थात् 150k cal ऊर्जा को ही अवशोषित कर पाते हैं तथा इसका केवल 1% भाग 15 k. cal. ऊर्जा प्रथम पोषक स्तर पर रूपान्तरित होती है, जो कि नेट प्राथमिक उत्पादन होता है। द्वितीयक उत्पादक (P2 से P3), दूसरी पोषक स्तर के शाकाहारी तथा मांसाहारी (Herbivorous and carnivorous) उपभोक्ताओं में केवल 10% ऊर्जा रह जाती है। भले ही मांसाहारी उपभोक्ताओं की क्षमता 20% तक होती है, जिसे चित्र में P3 = 0.3k. cal. द्वारा प्रदर्शित किया गया है। इस तरह से मालूम होता है कि आने वाली पोषण स्तरों में ऊर्जा प्रवाह (Energy flow) कम होता जाता है। अत: खाद्य श्रृंखला (Food chain) जितनी छोटी होगी, उतनी ही अधिक ऊर्जा भोजन द्वारा प्राप्त होगी। चित्र में प्रदर्शित पाइप के आकार से स्पष्ट है कि प्रत्येक पोषण स्तर पर ऊर्जा प्रवाह कम हो जाता है, जिसके कारण बायोमास (Biomass) (बॉक्सों द्वारा प्रदर्शित) भी कम हो जाता है, किन्तु बायोमास तथा ऊर्जा में आपसी सम्बन्ध (Co-relation) नहीं होता है।

जैसे—एक ग्रीन एल्गी (Algae) का बायोमास (Biomass) तो बहुत कम होता है, किन्तु वृक्षों की पत्तियाँ जिनका बायोमास कई गुना अधिक होता है, की तुलना में काफी अधिक माना जाता है, क्योंकि एल्गी उत्पादन की दर वृक्षों की पत्तियों की उत्पादन दर से कई गुना अधिक होती है। इससे स्पष्ट है कि अधिक बायोमास वाले जीवधारियों में उत्पादकता कम होती है।